Saturday, April 30, 2011

आँखें !

तुम्हारी आँखें
मादक

नशीली
हुई हैं
क्या हुआ, क्या बात है
कुछ
बोलो
कब तक, खामोश रहोगी
बोलो
कब तक
क्या मैं, मान लूं
तुम्हारी
आँखों की बातें
फिर मत कहना
मैंने, पूछा
नहीं !!

4 comments:

Kajal Kumar said...

अच्छी बात है

ehsas said...

सर जी आखें कभी झुठ नही बोलती।

एम सिंह said...

बहुत सुन्दर लिखा आपने. बधाई.

आपका स्वागत है.
दुनाली चलने की ख्वाहिश...
तीखा तड़का कौन किसका नेता?

ANJAAN said...

That's Heart touching line ....
Bcoz u know sir ji, Eyes hamesa sachi hi kahti h...
बहुत खूब , मैं ब्लॉग जगत में नया हूँ सो मेरा मार्गदर्सन करे..
www.anjaan45.blogspot.com